Swachta Mission – May or Must

Home / Gallery / Swachta Mission – May or Must

स्वच्छता i Miss on(Swachta Mission)

 

स्वच्छता एक जूनून है, उनको है ये पसंद ,
जो बाह्यांतर में भेद न माने ,और स्वच्छ हैं स्वयं ।।     air pollution

घर का कचड़ा बाहर कर ,सोच बैठे साफ़ हुआ ।
और सुकून की सांस ले सोचे ,मेरा घर स्वच्छ हुआ ।।

जो अंदर था अब बाहर है ,जो मेरा था अब सबका है ।
घर का कचड़ा अब तेरा है ,सोचो ज़रा ये ‘ तेरा ‘ कौन ?।।

हवा जो लोगे साँसों से ,वो अंदर कहाँ से आयी है?
उसी कचड़े के ढेर से सड़कर ,अब साँसों में समायी है ।।

बच्चे खांसते , युवक थकते ,पापा करहाते, दादा लाचार।
swachh-bharat-abhiyan

चील मंडराती है आसमान में , हर घर कृपया करे विचार ।।

बूँद , बूँद से सागर बनता ,मुट्ठी , मुट्ठी से भंडार है ।
थोड़ा , थोड़ा पैकेट कचरा ,अब बना दैत्य नुमा पहाड़ है ।।

Swachh-Bharat-Abhiyan bdgs

बाल झड़ गए , तो रोप जायेंगे ,
दांत सड़ गए, तो बदल जायेंगे ।
दिल जो थम गया , पेसमेकर लगवायेंगे ,
सांस जो थम गयी , सोचो कहाँ जायेंगे ?

धरती माँ रोती, चिल्लाती ,जख्म हो गए अब लाइलाज ।
धैर्य टूटे माँ का इससे पहले तुम करो इलाज ||

Written by MrsManisha Upadhyay

manisha upadhyay

Please follow and like us:
Facebook
Google+
Twitter
YouTube
Pinterest
LinkedIn
Instagram

10 Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WhatsApp chat